"जिंदगी में आगे बढ़ने के लिए आपकी इच्छाशक्ति मजबूत होनी चाहिए"
किसी के कहे ये शब्द कब जिंदगी का अहम सबक बन गये,याद नहीं ! लेकिन मैनें ये सबक केवल सीख़ा ही नहीं ब्लकि इसे गंभीरता पूर्वक अपनाया भी !
मेरा काम दिनभर गाड़ी चलाना है व पूरी तरह अपने काम के प्रति समर्पित भी हूँ ! कुल मिलाकर कह सकता हूँ कि अपने परिवार को भी कभी शिकायत का मौका नहीं दिया !
एक ख्याल जो रह-रह कर परेशान करता था कि सब मुझसे खुश हैं पर क्या मैं अपनी मानसिक संतुष्टि के लिए ख़ुद के लिए कुछ कर पाया ?
तो ये पाया कि 'नहीं'...मैं खुद के लिए कुछ नहीं जुटा पाया ! यहां मेरा ये कहने से अभिप्राय पूंजी या जायदाद बिल्कुल भी नहीं,अपितु मैं यहां अपनी पहचान की बात कर रहा हूँ..जोकि हर इन्सान का सपना होती है ! ये तभी संभव है जब आप कुछ ऐसा कर सकते हों जो दूसरे न कर सकें या किसी दूसरे से बेहतर कर सकें ! आपको अगर भगवान ने किसी ख़ास गुण से नवाज़ा है और आप अपने गुणों में और निख़ार लाते हैं तो निश्चय ही आप एक अलग पहचान पा सकते हैं ! अगर किसी कारणवश आप उस मुकाम तक न पहुंच पायें जिसके आप हक्कदार हैं,तो इस बात का रंज हमेशा बना रहेगा !
ऐसा मैनें भी महसूस किया कि मुझे अपनी अलग पहचान बनानी चाहिए थी ,जो संभव भी थी अगर थोडी मेहनत अपने गुण को निखारने के साथ-साथ उसके प्रदर्शन के लिए की होती !
ख़ैर देर आये,दुरूस्त आये !मैनें निश्चय किया है कि अब और देर नहीं ...मैं अपने चित्रकारी को एक मुकाम तक जरूर लेकर जाउँगा जहां मेरी पहचान सुनिश्चित हो सके !
( मैनें क्या कुछ सोचा है कुछ नया करने के लिए वो मैं आपको अपनी अगली पोस्ट में जल्द बताउंगा )



