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Thursday, May 16, 2013

है कोई दोस्त,आपका भी ?

आप मैँ या कोई भी इन्सान ऐसा नहीँ जिसे जिंदगी मेँ किसी मुसिबत का सामना न करना पडा हो ।मुसिबत चाहे कैसी भी हो,अपनी खुद की सिहत से जुडी,कारोबार से सबंधित याँ घरेलू प्रकार की कोई परेशानी।
जब भी ऐसी किसी वजह से मन परेशान होता है तो सबसे ज्यादा जो सहारा व होँसला किसी दोस्त मित्र के साथ की बात से मिल सकता है,वैसा किसी सगे सबंधी के पास होने से भी महसूस नहीँ होता।
वजह ये कि दोस्त हमारी खुशी व तकलीफोँ से सीधे जुडे होते हैँ क्योँ कि हम उनसे अपने सबंधियोँ की तुलना मेँ निरंतर बातचीत के द्वारा गहराई से जुडे रहते हैँ और उनका रोल ज्यादा अहम बना रहता है इसलिए भी कि बहुत सी निजी बातेँ हर कोई अपने दोस्तोँ से ही शेयर करके सुरक्षित महसूस करता है।
इसलिए दोस्ती के इस रिश्ते को सदा मधुर बनायेँ रखेँ।
भाई बहन,सबंधी हमे भगवान से बिन मांगे मिलते हैँ,मगर दोस्त हम अपनी मर्जी से चुनते हैँ,जो दिल से अच्छा हो,आपके विचारोँ की कद्र करे और आपके जज्बात को समझता हो।
इसलिए आदर्श दोस्तोँ का साथ निभायेँ,खुद भी आदर्श मित्र बनेँ।
'युँ तो सब हैँ,रिश्ते जहाँ मे,
रिश्ता दोस्ती का,ऐ खुदा !
इन्सान को बख्शी तेरी
है सबसे अच्छी सौगात';

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Life mantras