Thursday, April 8, 2021
ਤੋਲ ਦਿਆਂ ਵਿੱਚ ਬਦਲੇ
Sunday, February 3, 2019
Monday, January 28, 2019
Sunday, August 3, 2014
कहानी छोटी तड़प गहरी
बहुत याद आये वो गुज़रा जमाना
आपकी एक झलक पाने को
मेरा तड़प जाना...
कभी दरवाजे पे निगाह तो कभी
धूप में छत पे ही सूख जाना,
तुम्हारे घर की वो
पीछे की सीढियों पे निगाह तो
हर वक्त रहती थी....
तेरे दीदार को कई बार,तरस जाना...
मिलने का मौका एक आध बार मिला
केवल ख़तों से ही काम चलाना...
सच कहूं मैं बिल्कुल अनाडी़ था
कभी हाथ न पकडा,न गले लगाया
लेकिन सच ये भी है कि आपके सिवा
कोई और न था इस दिल में बस पाया...
कितना प्यारे थे तुम मुझे
ये कैसे बतलाऊं,खोल के दिल
कैसे दिखलाऊं,
तुम संग जिंदगी बिताने की चाह थी
तुम बिन जिंदगी को जीना कैसे सिखाऊं...
वक्त की तहों मे लिपट के बेशक्क
मेरा प्यार थोडा दब सा गया था,
लेकिन रूह पर लिखे तेरे नाम को
मैं तो चाह कर भी न मिटा पाऊं...
एक एक पल अपनी बर्बादी का
नहीं भूला,मुझे आज भी याद है,
दर्द जुदाई का बाद मुद्दत के
आज भी बरकरार है ....
अपनी आंखों के सामने अपना प्यार
किसी और का होता,देखता रहा
आखरी मुलाकात तुम छत पे आयी
कुछ बात भी हुई शायद...
फिर तो बस तारों को देखता रहा...
शायद तुम्हे मेरी तड़प का अहसास
इतना न हो,पर खुदा जानता है,
अपनी जिंदगी को खोकर न रोये
ये मेरा दिल है दिलबर...
कहाँ मानता है.................!
-
ਗੀਤ - ਹਮਜ਼ਾ ਗਾਇਕ - ਸਤਿੰਦਰ ਸਰਤਾਜ ਐਲਬਮ - ਹਮਜ਼ਾ ********* ਓ ਹਮਜ਼ਾ...ਓ ਹਮਜ਼ਾ ਹਮਜ਼ਾ...ਹੱਕ ਹਕੂਕ ਵਸੀਲਾ,...
-
ਪੰਜਾਬ ‘ਚ ਨਵੀਂ ਸਰਕਾਰ ਕਿਸ ਦੀ ਬਣੂ ਕਿਸ ਦੀ ਨਹੀਂ ਹਾਲੇ ਕੁਝ ਨੀਂ ਕਹਿ ਸਕਦੇ।ਪਰ,ਜੇ ਪਹਿਲਾਂ ਆਲਾ ਹਿਸਾਬ ਲਾਈਏ...ਕਿ ਜੇ ਇਹੀ ਦੋਏ ਪਾਰਟੀਆਂ ਹੁੰਦੀਆਂ ਤਾਂ ਕਿਸ...
-
"जिंदगी में आगे बढ़ने के लिए आपकी इच्छाशक्ति मजबूत होनी चाहिए" किसी के कहे ये शब्द कब जिंदगी का अहम सबक बन गये,याद नहीं ! लेकिन म...

