expr:class='"loading" + data:blog.mobileClass'>

Thursday, February 26, 2015

कुछ भी असंभव नहीं

"जिंदगी में आगे बढ़ने के लिए आपकी इच्छाशक्ति मजबूत होनी चाहिए"
किसी के कहे ये शब्द कब जिंदगी का अहम सबक बन गये,याद नहीं ! लेकिन मैनें ये सबक केवल सीख़ा ही नहीं ब्लकि इसे गंभीरता पूर्वक अपनाया भी !
मेरा काम दिनभर गाड़ी चलाना है व पूरी तरह अपने काम के प्रति समर्पित भी हूँ ! कुल मिलाकर कह सकता हूँ कि अपने परिवार को भी कभी शिकायत का मौका नहीं दिया !


एक ख्याल जो रह-रह कर परेशान करता था कि सब मुझसे खुश हैं पर क्या मैं अपनी मानसिक संतुष्टि के लिए ख़ुद के लिए कुछ कर पाया ?
तो ये पाया कि 'नहीं'...मैं खुद के लिए कुछ नहीं जुटा पाया ! यहां मेरा ये कहने से अभिप्राय पूंजी या जायदाद बिल्कुल भी नहीं,अपितु मैं यहां अपनी पहचान की बात कर रहा हूँ..जोकि हर इन्सान का सपना होती है ! ये तभी संभव है जब आप कुछ ऐसा कर सकते हों जो दूसरे न कर सकें या किसी दूसरे से बेहतर कर सकें ! आपको अगर भगवान ने किसी ख़ास गुण से नवाज़ा है और आप अपने गुणों में और निख़ार लाते हैं तो निश्चय ही आप एक अलग पहचान पा सकते हैं ! अगर किसी कारणवश आप उस मुकाम तक न पहुंच पायें जिसके आप हक्कदार हैं,तो इस बात का रंज हमेशा बना रहेगा !


दिश्शा

ऐसा मैनें भी महसूस किया कि मुझे अपनी अलग पहचान बनानी चाहिए थी ,जो संभव भी थी अगर थोडी मेहनत अपने गुण को निखारने के साथ-साथ उसके प्रदर्शन के लिए की होती !
ख़ैर देर आये,दुरूस्त आये !मैनें निश्चय किया है कि अब और देर नहीं ...मैं अपने चित्रकारी को एक मुकाम तक जरूर लेकर जाउँगा जहां मेरी पहचान सुनिश्चित हो सके !


( मैनें क्या कुछ सोचा है कुछ नया करने के लिए वो मैं आपको अपनी अगली पोस्ट में जल्द बताउंगा )


No comments:

Post a Comment

Life mantras