बहुत याद आये वो गुज़रा जमाना
आपकी एक झलक पाने को
मेरा तड़प जाना...
कभी दरवाजे पे निगाह तो कभी
धूप में छत पे ही सूख जाना,
तुम्हारे घर की वो
पीछे की सीढियों पे निगाह तो
हर वक्त रहती थी....
तेरे दीदार को कई बार,तरस जाना...
मिलने का मौका एक आध बार मिला
केवल ख़तों से ही काम चलाना...
सच कहूं मैं बिल्कुल अनाडी़ था
कभी हाथ न पकडा,न गले लगाया
लेकिन सच ये भी है कि आपके सिवा
कोई और न था इस दिल में बस पाया...
कितना प्यारे थे तुम मुझे
ये कैसे बतलाऊं,खोल के दिल
कैसे दिखलाऊं,
तुम संग जिंदगी बिताने की चाह थी
तुम बिन जिंदगी को जीना कैसे सिखाऊं...
वक्त की तहों मे लिपट के बेशक्क
मेरा प्यार थोडा दब सा गया था,
लेकिन रूह पर लिखे तेरे नाम को
मैं तो चाह कर भी न मिटा पाऊं...
एक एक पल अपनी बर्बादी का
नहीं भूला,मुझे आज भी याद है,
दर्द जुदाई का बाद मुद्दत के
आज भी बरकरार है ....
अपनी आंखों के सामने अपना प्यार
किसी और का होता,देखता रहा
आखरी मुलाकात तुम छत पे आयी
कुछ बात भी हुई शायद...
फिर तो बस तारों को देखता रहा...
शायद तुम्हे मेरी तड़प का अहसास
इतना न हो,पर खुदा जानता है,
अपनी जिंदगी को खोकर न रोये
ये मेरा दिल है दिलबर...
कहाँ मानता है.................!
Sunday, August 3, 2014
कहानी छोटी तड़प गहरी
Tuesday, May 20, 2014
नहीं व्यर्थ हमारा चिंतन
इस बात में कोई शक्क नहीं कि हम सभी अपने भारत देश से बहुत प्यार करते हैं व सभी के मन में अपने वतन के प्रति बेहद स्नेहभाव है|इस बात की गवाह है वो चिंता,जो हर व्यक्ति अपने तरीके से देशहित्त के लिए घरों,चौपालों व अपने मित्रों से व्यक्त करता है|ये निस्वार्थ बातचीत हमारे देशप्रेम को साबित करती है,भले ही ये बातें हमें अपने मनोभाव के अनुरूप कोई सशक्त निर्णय लेने की ताकत नहीं देतीं मगर ये चिंतन हमें उस नेतृत्व की और आक्रषि्त करता है जो हमारी सोच पर पहरा देता नज़र आये|आहिस्ता-आहिस्ता ये बातें मुद्दों का रूप ले,विपक्षी राजनीतिक पार्टीयों की राजनीति को गति प्रदान करती हैं|गली मुहल्लों मे होने वाली ये बातचीत बडे स्तर पे होने वाले बदलाव में सहायक सिद्ध होती है,इसका परिणाम अचानक हुए बदलाव में दिखायी देता है,जिसकी शायद हमें आस तक नहीं होती|
चल...तु चल तो सही
चल ! ...तु चल तो सही
भविष्य बदल खुद अपना,
कोस न किसमत को अपनी
कर्म से पूर्ण हो...खुद सपना,
राह बदल गर मंजिल दूर
छोड किसी की पैड मेँ...
यूँ भटक के तु पाँव रखना,
वो कर जो तु कर सके
व्यर्थ गैरों की अग्न में तपना,
'दिश्शे' दिशा कोई नयी चुन
खूबसूरत बहुत जिंदगी ये
बूँद-बूँद समो आगोश...
पथरीले पथ पे मंजिल पाने
तुझसे तेज भागेगा...
जो,पाला है...तुमने सपना...!
-
ਗੀਤ - ਹਮਜ਼ਾ ਗਾਇਕ - ਸਤਿੰਦਰ ਸਰਤਾਜ ਐਲਬਮ - ਹਮਜ਼ਾ ********* ਓ ਹਮਜ਼ਾ...ਓ ਹਮਜ਼ਾ ਹਮਜ਼ਾ...ਹੱਕ ਹਕੂਕ ਵਸੀਲਾ,...
-
ਪੰਜਾਬ ‘ਚ ਨਵੀਂ ਸਰਕਾਰ ਕਿਸ ਦੀ ਬਣੂ ਕਿਸ ਦੀ ਨਹੀਂ ਹਾਲੇ ਕੁਝ ਨੀਂ ਕਹਿ ਸਕਦੇ।ਪਰ,ਜੇ ਪਹਿਲਾਂ ਆਲਾ ਹਿਸਾਬ ਲਾਈਏ...ਕਿ ਜੇ ਇਹੀ ਦੋਏ ਪਾਰਟੀਆਂ ਹੁੰਦੀਆਂ ਤਾਂ ਕਿਸ...
-
"जिंदगी में आगे बढ़ने के लिए आपकी इच्छाशक्ति मजबूत होनी चाहिए" किसी के कहे ये शब्द कब जिंदगी का अहम सबक बन गये,याद नहीं ! लेकिन म...