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Thursday, May 30, 2013

कौन आया है यहाँ
कोई न आया होगा,
मेरा दरवाजा हवाओँ ने हिलाया होगा,
गुल से लिपटी हुई तितलीयोँ को
गिराओ तो जानेँ,
आँधियोँ ! तुमने दरख्तोँ को गिराया होगा...।

Wednesday, May 29, 2013

लक्ष्य साधो,तभी मिलेगी सफलता

किसी एक विचार को अपने जीवन का लक्षय बनाओ।कुविचारोँ का त्याग कर केवल उसी विचार के बारे मेँ सोचो।तुम पाओगे कि सफलता तुम्हारे कदम चूम रही है।
-स्वामी विवेकानंद

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Sunday, May 26, 2013

हमारी भूल

मुझे राजनीती की ज्यादा समझ तो नहीँ है,लेकिन इस विष्य पर बात करते कई लोगोँ को सुना है,और अब तो इस बारे मेँ मैँ अपनी भी एक राय रखने लगा हुँ ।अपनी समझ के मुताबिक जितना समझ पाया,वो ये कि ये क्षेत्र उन लोगोँ के लिए तो बिल्कुल ही नहीँ है जो अपना जीवन अपने आदर्शोँ के मुताबिक जीना चाहते होँ और समाज मेँ उन्ही उसूलोँ के सहारे कोई ठोस परिवर्तन लाना चाहते होँ।
राजनीती मेँ कोई भी व्यक्ति जो लोगोँ की आवाज बन कर आगे आता है,या तो सोच समझ कर बनाई रणनीती के द्वारा वो अपने भविष्य को अधिक प्राथमिकता देते हुए लोगोँ के हितोँ की रक्षा के साथ समझोता कर लेता है और हाथ मिला लेता है राजनीती के उन दलालोँ से जो जनता के हितोँ को दबाने का धंधा करते हैँ अपने उपर बैठे आकाओँ को खुश रखने मेँ हर प्रकार से सक्रिय रहते हैँ।

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Life mantras