expr:class='"loading" + data:blog.mobileClass'>

Wednesday, March 9, 2016

ਦਰਦ ਏ ਦਿਲ


                       ਕਦੇ ਹਸ ਪੈਣਾ,ਕਦੇ ਰੁੱਸ ਜਾਣਾ
                ਅੰਦਾਜ਼ ਇਹ ਤੁਹਾਡਾ ਸਿਹਾ ਨਹੀਂਓ ਜਾਂਦਾ,
                   ਰੱਬ ਮੰਨਿਐ ਤੁਹਾਨੂੰ ਪਰ ਕਦਰ ਨਹੀਂ
                 ਧੱਕੇ ਨਾਲ ਪਿਆਰ ਲਿਆ ਨਹੀਂਓ ਜਾਂਦਾ,
                     ਰੁੱਸਣੇ ਨੂੰ ਚਿੱਤ ਮੇਰਾ ਵੀ ਏ ਕਰਦਾ
              ਬੋਲਿਆਂ ਬਿਨਾਂ ਵੀ ਪਰ ਰਿਹਾ ਨਹੀਂਓ ਜਾਂਦਾ,
                    ਅੱਖਾਂ ਪੜ੍ਹੋ ਤੇ ਜਾਣੋ ਹਾਲ ਦਿਲ ਦਾ
                 ਮੂੰਹੋਂ ਵਾਰੀ ਵਾਰੀ ਵੀ ਕਿਹਾ ਨਹੀਂਓ ਜਾਂਦਾ,
           'ਦਿਸ਼ਾ' ਉਲਝੇ ਖੁਆਬਾਂ ਦੀ ਗੰਢ ਬਣ ਰਹਿ ਗਿਆ
              ਸਿਰਿਆਂ ਨੂੰ ਹੱਥੀਂ ਹੁਣ ਲਿਆ ਨਹੀਂਓ ਜਾਂਦਾ।

                             ਜਗਦੀਸ਼ "ਦਿੱਸ਼ਾ"

Tuesday, July 14, 2015

Child labor

यहाँ बूढा है बचपन मेरे वतन मे
उमंगों का क्या ख़ाक सवेरा होगा ;
कच्ची नींव पर वज़न है मंजिलों का
इन घरों मे क्या ख़ाक बसेरा होगा !
(तस्वीर childlaboraroundtheworld के सोजन्य से)

Tuesday, May 19, 2015

केवल शुरूआत ही मुश्किल








मुझे ये पेटिंग बनाने में शायद उतना वक्त नहीं लगा जितना इसे शुरू करने का मन बनाने के लिए लगा ! वैसे कागज़ पर तो अभ्यास अक्सर चलता रहता है परन्तु कैनवास पर काम करने के लिए जो तैयारी करनी पड़ती है वो खुला समय मांगती है;और एक दिक्कत मेरा ड्राईविंग का प्रोफेशन है जो मेरी रोज़ी-रोटी है.उसकी वजह से देर सवेर घर से बाहर रहना पड़ता है,इसलिए भी समय निकालना थोड़ा मुशकिल है.

किसी काम को अगर आप लम्बे अरसे से न कर रहे हों तो बहुत मुशकिल लगता है उस काम को नये सिरे से शुरू करना व उसे अंजाम तक पहुंचाना !

ख़ैर मैनें अपने शौक को दोबारा रंग मे रंगना शुरू कर दिया है,उसका परिणाम ये पेंटिंग है जो बहुत सारे बदलाव के बाद पूरी की....कोशिश रहेगी कि मैं किसी न किसी पेटिंग पर काम करता रहूं,व ये सिलसिला ताउम्र यूं ही चलता रहे !


Life mantras